PM Modi CCS Meeting: मिडिल ईस्ट एशिया में बढ़ती टेंशन के बीच भारत की मोदी सरकार भी पूरी तरह अलर्ट नजर आ रही है। इलाके में चल रहे संघर्ष और मिलिट्री एक्टिविटीज ने ग्लोबल लेवल पर चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच, प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी यानी CCS की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई, जो अभी जारी है।
सूत्रों के अनुसार, इस हाई लेवल मीटिंग में मिडिल-ईस्ट के ताजा हालात, वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सिक्योरिटी, एनर्जी सप्लाई पर संभावित प्रभाव और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े तमाम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हो सकती है। मध्य-पूर्व में चल रहे मिलिट्री ऑपरेशन और जवाबी अटैक से ग्लोबल मार्केट, खासकर क्रूड ऑयल की कीमतों पर असर पड़ना शुरू हो गया है। ऐसे में हमारे जैसे एनर्जी इम्पोर्टर देश के लिए परिस्थितियों पर करीबी नजर रखना जरूरी हो गया है।
CCS की मीटिंग में रक्षा, विदेश और गृह मंत्रालय के सीनियर अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। मुमकिन है कि भारतीय दूतावासों को अलर्ट रहने और जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकालने की तैयारी रखने के निर्देश भी दिए जा सकते हैं। साथ ही, समुद्री रास्तों और रणनीतिक आपूर्ति लाइनों की सिक्योरिटी पर भी मंथन हो सकता है।
गौरतलब है कि भारत पारंपरिक तौर पर संतुलित कूटनीतिक रुख अपनाता आया है। ऐसे में भारत सरकार का प्रयास होगा कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए ग्लोबल लेवल पर संवाद और कूटनीतिक कोशिशों को बढ़ावा दिया जाए। आज की CCS मीटिंग को इसी व्यापक रणनीतिक तैयारी का भाग माना जा रहा है।
बता दें कि बीते शनिवार की दोपहर को इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हवाई हमले किए थे। इसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या हो गई है। इसके जवाब में ईरान, इजरायल और खाड़ी के तमाम देशों पर हमले कर रहा है। ऐसे में कई भारतीय विदेश में फंस गए हैं। इनमें भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु का नाम भी शामिल है।
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